शाश्वत में जीना है सत्य को जानना है शिव शिव कहना है शिवोहम् में खो जाना है ऊं नमः शिवाय 🙏🙏🙏#जय_भोलेनाथ🙏🙏🙏 परमात्मा की भक्ति।सत्य का उजागर

Rohini, New Delhi
Joined December 2016
सब-कांसियस मन ध्यान का मार्ग- सब-कांसियस मन की सक्रियता के बिना ध्यान में प्रवेश करना असंभव है! सब-कांसियस मन का उपयोग कैसे किया जा सकता है? हमारा सारा तनाव,सारा टेंशन मन के तीसरे तल सब-कांसियस यानि अवचेतन मन के सक्रिय नहीं हो पाने के कारण ही है!! जय महादेव
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मन के चार तल हैं।पहला चेतन मन (conscious mind),दूसरा अचेतन मन (unconscious mind),तीसरा अवचेतन मन (subconscious mind)और चौथा है अति-चेतन मन(super conscious mind) चेतन मन,मन का पहला तल है जो सोच-विचार करता है।कल्पना करता है, जो सारे दिन या तो भविष्य की किसी योजना पर विचार करता है
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यानि चेतन मन दिन भर सक्रिय रहता है। दूसरा तल अचेतन मन है,जो हमारे शरीर के नींद में प्रवेश करने के बाद सक्रिय होता है। अतीत की यादें और भविष्य के सपने अचेतन मन में दर्ज होते हैं। इसलिए नींद में प्रवेश करने के बाद यह हमें सपने दिखाता है और हमारी इच्छाओं,आकांक्षाओं को पूरा करने का
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धनधान्यप्रयोगेषु विद्यासंग्रहणे तथा । आहारे व्यवहारे च त्यक्तलज्जः सुखीभवेत्।। जिसे दौलत, अनाज, विद्या अर्जित करने में और भोजन करने में शर्म नहीं आती वह सुखी रहता है। जय भोलेनाथ! चाणक्य नीति
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GOOD MORNiiiiiiiING 😊🥀 ☕🌹 *परवाह करने वाला मित्र,* *दर्द समझने वाला पड़ोसी,* *इज्जत करने वाले रिश्तेदार,* *प्यार करने वाला परिवार,* *ये सब कमाई के ही रूप हैं....*
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प्रति वर्ष दशहरे के बाद ठीक 21 दिन बाद ही दीपावली क्यों आती है?क्या कभी आपने इस पर विचार किया है।विश्वास न हो तो कैलेंडर देख लीजिएगा।रामायण में वाल्मिकी ऋषि ने लिखा है कि प्रभु श्री राम को अपनी पूरी सेना को श्रीलंका से अयोध्या तक पैदल चलकर आने में 21दिन(इक्कीस दिन यानी 504 घंटे).
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लगे!! अब हम 504 घंटे को 24घंटे से भाग दें तो उत्तर 21आता है यानी इक्कीस दिन!!! मुझे भी आश्चर्य हुआ। कुछ भी बताया है यह सोचकर कौतूहल वश गूगल मैप पर सर्च किया। उसमें दर्शाता है कि श्रीलंका से अयोध्या की पैदल दूरी 3145 किलोमीटर और लगने वाला समय 504 घंटे।। हैं न आश्चर्यजनक बात।....
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वर्तमान समय में गूगल मैप को पूरी तरह विश्वनीय माना जाता है। लेकिन हम भारतीय लोग तो दशहरा और दीपावली त्रेतायुग से चली आ रही परंपरानुसार मनाते आ रहे हैं।समय के इस गणित पर आपको विश्वास न हो रहा हो तो गूगल सर्च कर देख सकते हैं तथाऔरों को भी दीजिए यह रोचक जानकारी।और वाल्मिकी ऋषि ने..
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रामायण की रचना श्रीराम के जन्म से पहले ही कर दी थी।!!! उनका भविष्यवाणी और आगे घटने वाली घटनाओं का वर्णन कितना सटीक था। अपनी सनातन हिन्दू संस्कृति कितनी महान है। हमें गर्व है ऐसी महान हिन्दू संस्कृति में जन्म लेने पर। 🙏जय सियाराम जय जय सियाराम 🙏
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*जो भी काम करें उसमें "सत्य निष्ठा" हो और यही सच्चा जीवन है। यही राम कथा का सार है।* *हम हैं राम के* *राम हमारे हैं!* *🙏 जय श्री राम 🙏*
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🙏ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः🙏 🔱🔔जय श्रीहरि🔔🔱 🌿यं ब्रह्मा वरुणैन्द्रु रुद्रमरुत: स्तुन्वानि दिव्यै स्तवैवेदे:। सांग पदक्रमोपनिषदै गार्यन्ति यं सामगा:। ध्यानावस्थित तद्गतेन मनसा पश्यति यं योगिनो यस्यातं न विदु: सुरासुरगणा दैवाय तस्मै नम:।।🌿🌷ॐ नमो नारायणा🌹 ༺꧁✾🙏✾꧂༻💪🚩 nitter.fdn.fr/i/web/status/157…
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"सत्यव्रतं सत्यपरं त्रिसत्यं सत्यस्य योनिं निहितं च सत्ये। सत्यस्य सत्यमृतसत्यनेत्रं सत्यात्मकं त्वां शरणं प्रपन्नाः।।" सर्वसमर्थ, सर्वव्यापी सत्ता भगवान श्रीकृष्ण भारतीय संस्कृति के उच्चतम प्रतिमान हैं, उनका स्मरण सर्वथा कल्याणकारी है ! #जय_श्रीकृष्ण nitter.fdn.fr/i/web/status/157…
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जय श्री हरि जगतामीश्वरेशेश ज्ञानज्ञेयभवाव्यय । समस्तदेवतादेव वासुदेव नमोऽस्तु ते ॥ प्रधानपुंसोरजयोर्यः कारणमकारणम् । अविशेष्यमजं रूपं तव तस्मै नमोऽस्तु ते ॥ त्वं प्रधानं पुमांश्चैव कारणाकारणात्मकः । सदसच्चाखिलं देव केनोक्तेन तव स्तवः ॥ ऊं नमो भगवते वासुदेवाय
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मेरी दिल की बेताबिया भी ले जाते ,,,,, दबे पाँव मुँह फेर के,,जाने वाले,,,,!!, कैसे जिंदा रहेगी तहजीब... ज़रा सोचिए पाठशाला से ज्यादा तो मधुशाला हैं शहर में.. शुभ संध्या
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विदेशी भारतीय संस्कृति को अपना रहे हैंऔर हम भारतीय अपनी संस्कृति को भूलते जा रहे हैं और मॉडर्न दिखने की होड़ में नंगे हुए जा रहे हैं। पाश्चात्य नग्न सभ्यता का भूत हिन्दू महिलाओं पर कुछ ज्यादा ही सवार हो रहा अब।🙏🙏
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सुप्रीम कोर्ट में यह कानून पास हो गये हैं:- "अवैध संबंध जायज, समलैंगिक सम्बन्ध जायज,(LGBT), विवाहेत्तर संबंध जायज, अविवाहिता के गर्भपात भी जायज, बस वैवाहिक बलात्कार नाजायज" जय श्रीराम
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निज गौरव को निज वैभव को, क्यों हिन्दू बहदुर भूल गए। जिस राह पर बाँदा वीर चला, उस राह पर चलना भूल गए। कान्हा ने रास रचाया था, दुष्टों को मार भगाया था। अब रास रचना याद रहा, क्यों चक्र चलना भूल गए। जय श्रीराम
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दशहरे पर अपने अंदर के रावण को मारने के बजाए.. अपने अंदर के गाँधी को मार डालो,,हिन्दुत्व पुनः स्वर्णिम शिखर पर होगा..!! 🚩🚩 #दशहरा
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राम तुम्हारे युग का रावण अच्छा था, दस के दस चेहरे सब "बाहर" रखता था.. शुभ दोपहर
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भारत के देश भक्ति गीत सारे जहां से अच्छा सउदी अरबिया के गीत द्वारा प्रस्तुतिकरण आपको देशभक्ति की तरफ प्रेरित करेगा और गौरवान्वित महसूस होगा जय भारत
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