इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव तक अगर हमारी आवाज पहुंच रही है तो अपनी हठधर्मिता को त्याग कर इस समय चल रहे विज्ञापन की भर्ती में एप्स में संशोधन करके युवाओं को मौका दें और अपने तानाशाही रवैया को खत्म कर युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर यह युवाओं का हक है।
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जब ये भारत का राजपत्र है तो क्या इलाहाबाद विश्वविद्यालय में ये लागू नहीं हो रहा है क्या ? कृपया अपना नंबर मेंशन करें

5:50 AM · Oct 18, 2021

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